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इंट्राडे टूलकिट

CPR — सेंट्रल पिवट रेंज की पूरी गाइड

CPR एक प्राइस-एक्शन इंडिकेटर है जो कल के हाई, लो और क्लोज़ से आज के लिए तीन अहम लाइनें बना देता है। ये लाइनें बताती हैं कि दिन तेज़ी का है या मंदी का, ट्रेंड बनेगा या मार्केट रेंज में रहेगा, और कहाँ ब्रेकआउट या रिवर्सल की सबसे ज़्यादा संभावना है। इंट्राडे और ऑप्शन ट्रेडर्स के लिए यह सबसे भरोसेमंद फ्रेमवर्क में से एक है।

CPR क्या है?

CPR यानी सेंट्रल पिवट रेंज पिछले दिन के हाई (H), लो (L) और क्लोज़ (C) से तीन लाइनें बनाता है — पिवट (P), बॉटम सेंट्रल (BC) और टॉप सेंट्रल (TC)। फॉर्मूले सीधे हैं:

पिवटP = (H + L + C) / 3
बॉटम सेंट्रलBC = (H + L) / 2
टॉप सेंट्रलTC = 2P − BC

TC और BC के बीच का बैंड ही "सेंट्रल पिवट रेंज" कहलाता है — यह उस दिन का फेयर-वैल्यू ज़ोन है, जहाँ खरीदार और विक्रेता संतुलन में माने जाते हैं।

तीनों लाइनें और उनका मतलब

हर लाइन का अपना अर्थ है, और प्राइस का इस रेंज के ऊपर, अंदर या नीचे होना दिन का पूरा मूड बता देता है।

  • पिवट (P)

    दिन का केंद्र-बिंदु और सबसे अहम रेफरेंस। प्राइस इसके ऊपर टिके तो बुलिश, नीचे टिके तो बेयरिश पक्ष मज़बूत माना जाता है।

  • टॉप सेंट्रल (TC)

    रेंज की ऊपरी सीमा। तेज़ी में यह पहला रेज़िस्टेंस बनती है; प्राइस इसके ऊपर क्लोज़ हो तो बुलिश ब्रेकआउट का संकेत।

  • बॉटम सेंट्रल (BC)

    रेंज की निचली सीमा। मंदी में यह पहला सपोर्ट है; प्राइस इसके नीचे क्लोज़ हो तो बेयरिश ब्रेकडाउन का संकेत।

रेंज के ऊपर

बुलिश झुकाव — खरीदार हावी, तेज़ी की तरफ़ पलड़ा।

रेंज के अंदर

संतुलन/असमंजस — कोई साफ़ दिशा नहीं, नए ट्रेड से बचें।

रेंज के नीचे

बेयरिश झुकाव — विक्रेता हावी, मंदी की तरफ़ पलड़ा।

नैरो CPR बनाम वाइड CPR

CPR की चौड़ाई अगले दिन के बारे में बहुत कुछ पहले ही बता देती है। TC और BC के बीच का फ़ासला ही असली संकेत है।

नैरो CPR (संकरा)

जब TC और BC आपस में बहुत पास हों — यह ट्रेंड डे की तगड़ी संभावना दिखाता है। एक तरफ़ बड़ा, दिशात्मक मूव आने की उम्मीद रहती है, ब्रेकआउट ट्रेड के लिए बढ़िया।

वाइड CPR (चौड़ा)

जब TC और BC दूर-दूर हों — यह साइडवेज़, चॉपी या रेंज-बाउंड दिन का इशारा है। ऐसे दिन ब्रेकआउट अक्सर फेल होते हैं; सपोर्ट-रेज़िस्टेंस पर उल्टा ट्रेड बेहतर।

वर्जिन CPR

वर्जिन CPR वह लेवल है जिसे प्राइस ने पूरे दिन एक बार भी छुआ या टेस्ट नहीं किया। यह एक ताक़तवर चुम्बक की तरह काम करता है — प्राइस अक्सर लौटकर इसे टेस्ट करने आता है।

इसीलिए वर्जिन CPR हाई-प्रोबेबिलिटी सेटअप देता है: अगले दिन जब प्राइस इस अनछुए लेवल के पास पहुँचे, तो रिवर्सल या रिएक्शन की संभावना काफ़ी बढ़ जाती है। कई ट्रेडर इसे टारगेट या एंट्री-ज़ोन की तरह इस्तेमाल करते हैं।

पिवट सपोर्ट/रेज़िस्टेंस लेवल

CPR के साथ पिवट से निकले R1-R3 और S1-S3 लेवल आते हैं। इन्हें टारगेट और स्टॉप तय करने में इस्तेमाल करें।

रेज़िस्टेंस

R12P − L
R2P + (H − L)
R3R1 + (H − L)

सपोर्ट

S12P − H
S2P − (H − L)
S3S1 − (H − L)

आमतौर पर R1/S1 पहला टारगेट होते हैं, और R2/S2 या R3/S3 तेज़ ट्रेंड वाले दिनों में विस्तारित टारगेट। इन लेवल पर पार्शियल प्रॉफ़िट बुक करना समझदारी है।

CPR ब्रेकआउट मेथड (दिनेश का एज)

यह एक सीधा, नियम-आधारित तरीका है जो झूठे ब्रेकआउट से बचाकर असली दिशात्मक मूव पकड़ता है।

  1. 1

    5-मिनट की कैंडल का CPR टॉप के ऊपर क्लोज़ होने का इंतज़ार करें (BUY), या CPR बॉटम के नीचे क्लोज़ का (SELL)। सिर्फ़ स्पाइक नहीं — पूरा क्लोज़ चाहिए।

  2. 2

    व्हिपसॉ फ़िल्टर: ब्रेकआउट लेवल को कम-से-कम 0.25×ATR(14) से पार करना चाहिए, वरना उसे नकली मानकर छोड़ दें। इससे फेकआउट में फँसने से बचाव होता है।

  3. 3

    21-EMA या VWAP को ट्रेलिंग स्टॉप की तरह इस्तेमाल करें — जब तक प्राइस इसके सही तरफ़ है, ट्रेड में बने रहें।

  4. 4

    टारगेट: लॉन्ग में R1 / पिछले दिन का हाई, शॉर्ट में S1 / पिछले दिन का लो। टारगेट पर आंशिक मुनाफ़ा बुक करें और बाक़ी को ट्रेल होने दें।

बैकटेस्ट में क्या दिखा?

दिनेश के बैकटेस्ट में इस मेथड का विन-रेट लगभग 59% और औसत लगभग +21 पॉइंट प्रति ट्रेड रहा। यह सिर्फ़ शैक्षिक जानकारी है — बीता प्रदर्शन भविष्य के नतीजों की गारंटी नहीं है।

ऑप्शन के लिए VWAP कन्फ़्लुएंस

ऑप्शन ट्रेड में सिर्फ़ इंडेक्स का ब्रेकआउट काफ़ी नहीं — प्रीमियम भी साथ चलना चाहिए। VWAP जोड़ने से एंट्री की क्वालिटी बढ़ती है।

  • लॉन्ग तभी लें जब इंडेक्स की 5-मिनट कैंडल VWAP के ऊपर क्लोज़ हो, और 100-पॉइंट ITM कॉल भी अपने सेशन VWAP के ऊपर ट्रेड कर रहा हो।
  • स्टॉप-लॉस उस ब्रेकआउट कैंडल के लो पर रखें — साफ़, टाइट और नियम-आधारित।
  • कम-से-कम 1:2 रिस्क-रिवॉर्ड का लक्ष्य रखें; जितना जोखिम, कम-से-कम उससे दोगुना संभावित मुनाफ़ा।

ओपन इंटरेस्ट के साथ मिलाएँ

CPR को ऑप्शन-चेन डेटा के साथ जोड़ने से कन्फ़र्मेशन और मज़बूत हो जाता है।

कॉल वॉल

सबसे ज़्यादा कॉल OI वाला स्ट्राइक रेज़िस्टेंस की तरह काम करता है — प्राइस को वहाँ रुकावट मिलती है।

पुट वॉल

सबसे ज़्यादा पुट OI वाला स्ट्राइक सपोर्ट की तरह काम करता है — प्राइस को वहाँ सहारा मिलता है।

मैक्स पेन

एक्सपायरी के दिन प्राइस अक्सर मैक्स पेन की तरफ़ खिंचता है — इसे चुम्बक की तरह देखें।

PCR

PCR > 1.1 तेज़ी का, और PCR < 0.9 मंदी का सेंटिमेंट दिखाता है। इसे CPR के पक्ष के साथ मिलाकर देखें।

रिस्क मैनेजमेंट और अनुशासन

कोई भी एज तभी काम करता है जब जोखिम काबू में हो। हर ट्रेड में पूँजी का एक तय छोटा हिस्सा ही जोखिम में डालें (पोज़िशन साइज़िंग), स्टॉप-लॉस का सम्मान करें और उसे कभी पीछे न खिसकाएँ। लगातार नियम पालन ही लंबे समय में मुनाफ़े की कुंजी है।

ज़रूरी सूचना

यह सामग्री केवल शैक्षिक उद्देश्य के लिए है, निवेश सलाह नहीं। ट्रेडिंग में जोखिम है; अपना ख़ुद का विश्लेषण करें या किसी योग्य सलाहकार से परामर्श लें।

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