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PCR (Put-Call Ratio) ला कइसने समझें: इंट्राडे ट्रेडिंग बर एक सटीक गाइड

4 जुलाई 2026

PCR का आय और ई काहे बर महत्वपूर्ण हे?

नमस्ते दोस्तों! Charteq के ये विशेष ब्लॉग में आप मन के स्वागत हे। एक सफल ट्रेडर बने बर सिर्फ चार्ट देखई काफी नई हे, बलकि आप मन ला मार्केट के 'मूड' ला समझना पड़थे। जब हम NIFTY या BANKNIFTY में ट्रेड करथन, त अक्सर हम सिर्फ CPR या VWAP ऊपर निर्भर रहथन। लेकिन का आप मन जानथव कि PCR (Put-Call Ratio) के डेटा आप मन ला मार्केट के दिशा के एक अलग नजरिया दे सकथे?

PCR हमन ला बताथे कि मार्केट में कतका Put खरीदे या बेचे गए हे अउ कतका Call। आसान भाषा में कहन त ये मार्केट के सेंटीमेंट ला नापे के एक पैमाना हे।

PCR के गणना (Calculation) कइसन करन?

PCR निकालना बहुत सरल हे। एकर बर आप मन ला NSE के वेबसाइट में जाके Option Chain देखना पड़थे। एकर फॉर्मूला हे:

PCR = Total Put OI / Total Call OI

यहाँ OI के मतलब हे 'Open Interest'। उदाहरण बर, मान लेथन कि NIFTY के Option Chain में:

  • सबो Put ऑप्शंस के कुल OI = 50,00,000 हे
  • सबो Call ऑप्शंस के कुल OI = 40,00,000 हे
  • त, PCR = 50,00,000 / 40,00,000 = 1.25

High PCR vs Low PCR: सेंटीमेंट के मतलब

ज्यादातर ट्रेडर इहाँ गलती करथें। याद रखव, Option Chain में OI के डेटा बड़े संस्थागत निवेशकों (Big Players) द्वारा बनाए जाथे।

  1. PCR > 1.1 (Bullish): यदि PCR 1.1 ले ऊपर हे, त एकर मतलब हे कि पुट के तरफ OI ज्यादा हे। लेकिन इहाँ एक पेंच हे—ज्यादातर रिटेल ट्रेडर ह येला 'बुलिश' समझथें, जबकि बड़े ऑपरेटर पुट ला बेच (Write) रहथें। अगर PCR लगातार बढ़त हे, त मार्केट में शॉर्ट-कवरिंग के संकेत मिल सकथे।
  2. PCR < 0.9 (Bearish): यदि PCR 0.9 ले कम हे, त एकर मतलब हे कि मार्केट में resistance मजबूत हे। इहाँ बड़े ट्रेडर्स 25000 के स्तर पर एक मजबूत Call wall बना रहथें।
  3. 0.9 ले 1.1 के बीच (Neutral): ये रेंज कंसोलिडेशन ला दर्शाथे। अइसन समय में CPR के breakout ऊपर ट्रेड करना सबसे सुरक्षित रहथे।

Option Chain के साथ तालमेल: एक उदाहरण

मान लेथन कि NIFTY 24,800 पर ट्रेड करत हे। CPR के अनुसार ये एक support हे। अब आप मन Option Chain देखथव:

  • 24,700 के स्ट्राइक प्राइस पर बहुत ज्यादा Put OI बिल्ड-अप होवत हे।
  • PCR 1.20 पर हे।
  • एकर मतलब हे कि 24,700 पर एक मजबूत 'पुट वॉल' हे। अगर मार्केट CPR के पास आथे अउ PCR बढ़थे, त ये एक शानदार 'Buy' सिग्नल हे। इहाँ आप मन के Stop-loss CPR के नीचे होना चाही।

रिटेल ट्रेडर्स के आम गलती मन

  1. सिर्फ PCR पर ट्रेड करना: कभू घलोक सिर्फ एक इंडिकेटर ऊपर निर्भर झन रहव। CPR, EMA, अउ ATR के कॉम्बिनेशन इस्तेमाल करव।
  2. अंतर्विरोधी डेटा ला नजरअंदाज करना: अगर PCR बुलिश हे लेकिन मार्केट CPR के नीचे ट्रेड करत हे, त जबरदस्ती ट्रेड झन लेव।
  3. एक्सपायरी के करीब ट्रैप: एक्सपायरी के दिन PCR बहुत तेजी ले बदलथे। delta अउ theta डीके के कारण डेटा बहुत अस्थिर हो सकथे।

Key Takeaways

  • PCR = टोटल पुट ओआई / टोटल कॉल ओआई।
  • 1.1 ले ऊपर के PCR मजबूती के संकेत देथे, बशर्ते मार्केट CPR के ऊपर हो।
  • 0.9 ले कम के PCR कमजोरी के संकेत हे।
  • Option Chain ला हमेशा प्राइस एक्शन अउ CPR लेवल्स के साथ जोड़के देखव।
  • मार्केट में कोई भी इंडिकेटर 'गारंटी' नई देवय, हमेशा Stop-loss के पालन करव।

अस्वीकरण: ये लेख सिर्फ शैक्षिक उद्देश्यों बर हे अउ येला वित्तीय सलाह झन मानय; F&O ट्रेडिंग में जोखिम शामिल हे।

  • Dinesh Kumar, ADK Wealth
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